मधुमक्खियों की प्रमुख बीमारियां

अमेरिकन फॉलब्रूड

यह बंद लार्वा की बीमारी है जो बीजाणु-निर्माण करने वाले बैक्टेरिया पैनीबेसीलस लार्वा की वजह से होती है। वयस्क मधुमक्खियों को इस रोगाणुओं से कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन, वयस्क कर्मचारी मधुमक्खियां छोटे लार्वा को प्रदूषित शहद (AFB के बीजाणुओं वाला शहद) खिलाते समय, अनजाने में इस रोग को फैलाने का काम करती हैं। स्वस्थ कालोनी के विपरीत, जहाँ लार्वा कोष सतत और चमकदार पीले-भूरे रंग के होते हैं, संक्रमित कालोनियों में बंद और खुले कोषों का मिश्रण होता है और उनमें से कुछ बेरंग होते हैं। अक्सर नए मधुमक्खी पालकों के पास इतना अनुभव नहीं होता कि वे AFB का पता लगा सकें, और जिसकी वजह से वे कालोनी का विभाजन करते समय अक्सर स्वस्थ कालोनियों में संक्रमित फ्रेमों की अदला-बदली करके इस रोग को फैलाने में सहायता करते हैं। इसलिए, पहले वर्ष छत्ते का निरीक्षण और कालोनी विभाजन करते समय अनुभवी मधुमक्खी पालकों का सहयोग प्राप्त करके आप बहुत सारी परेशानी से बच सकते हैं। दुर्भाग्य से, AFB के बीजाणु दशकों तक जीवित रह सकते हैं और मधुमक्खी पालक के उपकरणों और विभिन्न यंत्रों के माध्यम से एक छत्ते से दूसरे छत्ते में फैल सकते हैं।

यूरोपियन फॉलब्रूड

यूरोपियन फॉलब्रूड बंद लार्वा की बीमारी है, जिसकी वजह से कोषों के बंद होने से पहले ही ज्यादातर लार्वा मर जाते हैं। यह मेलिसोकोकस प्लूटोनिस रोगाणु के कारण होता है, जो पैनीबेसीलस रोगाणु की तरह बीजाणुओं का निर्माण नहीं करते हैं। इसलिए, इसके रोगाणु AFB के रोगाणुओं की तरह प्रभावी नहीं होते हैं, और संक्रमित कालोनियां बहुत कम ही मरती हैं। लेकिन, कालोनी में मधुमक्खियों की संख्या बहुत ज्यादा प्रभावित हो सकती है (और इसलिए शहद का निर्माण भी)। संक्रमित कालोनी में नयी रानी लाने से कभी-कभी इस बीमारी का प्रसार कम किया जा सकता है।

नोज़ेमा

नोज़ेमा वयस्क मधुमक्खियों की सबसे गंभीर बीमारी है और कर्मचारियों, नर मधुमक्खियों और यहाँ तक कि रानी को भी प्रभावित कर सकती है। यह नोज़ेमा एपिस और नोज़ेमा सेरेने प्रोटोज़ोआ के कारण होता है। ये रोगाणु बीजाणु बनाते हैं, जिन्हें वयस्क मधुमक्खियां अपने भोजन के साथ ग्रहण कर लेती हैं। इसके बाद ज्यादातर संक्रमित मधुमक्खियां गंभीर पेचिश रोग से ग्रस्त हो जाती हैं और छत्ते के अंदर मल-मूत्र त्याग कर सकती हैं, जो सामान्य स्थितियों में कभी भी इतना ज्यादा नहीं होता है। छत्ते के अंदर मल-मूत्र त्याग की वजह से रोग फैलता है। संक्रमित कर्मचारी मधुमक्खियां बहुत ज्यादा कमजोर हो जाती हैं और छत्ते के भारी काम को संभाल नहीं पाती हैं। भोजन के लिए घूमने वाली मधुमक्खियां अक्सर अत्यधिक थक जाती हैं और छत्ते पर आने से पहले ही मर जाती हैं। नोज़ेमा एपिस और नोज़ेमा सेरेने के हमले के दौरान और इसके बाद हमें छत्ते के सामने मरी हुई मधुमक्खियां मिलती हैं, मधुमक्खियां ज़मीन पर रेंगती हुई या इससे चिपकी हुई मिलती हैं, कोष के अंदर या बाहर दस्त के निशान दिखाई पड़ सकते हैं और उनकी संख्या कम हो जाती है।

नए लोगों के लिए मधुमक्खी पालन

शहद निर्माण करने वाली मधुमक्खियों की समाज संरचना और संगठन

मधुमक्खियों द्वारा शहद कैसे बनाया जाता है

छत्ता और आवश्यक उपकरण

छत्ते की स्थिति और स्थान नियोजन

मधुमक्खियों को कैसे खिलाएं

मधुमक्खियों के छत्ता छोड़ने की गतिविधि को समझना और नियंत्रित करना

सर्दियों के लिए छत्ते तैयार करना

शहद का संग्रह

मधुमक्खियों की सामान्य बीमारियां और कीट

प्रमुख मधुमक्खी कीट

मधुमक्खियों की प्रमुख बीमारियां

कीटनाशकों से मधुमक्खियों में विषाक्तता

मधुमक्खियों से संबंधित प्रश्न और उत्तर

क्या आपके पास मधुमक्खी पालन का अनुभव है? यदि हाँ तो कृपया नीचे टिप्पणियों में अपने अनुभव, विधियों और कार्यप्रणालियों के बारे में बताएं।

आपके द्वारा जोड़ी गयी सभी सामग्रियों को जल्दी से जल्दी हमारे कृषि विशेषज्ञों द्वारा जांचा जायेगा। और स्वीकृत होने के बाद, उन्हें Wikifarmer.com पर डाल दिया जायेगा, जिससे दुनिया भर के हज़ारों नए और अनुभवी किसान सकारात्मक रूप से प्रभावित होंगे।

यह लेख निम्नलिखित भाषाओं में भी उपलब्ध है: English Español Français Deutsch Nederlands العربية Türkçe 简体中文 Русский Italiano Ελληνικά Português Tiếng Việt Indonesia 한국어

हमारे साझेदार

हमने दुनिया भर के गैर-सरकारी संगठनों, विश्वविद्यालयों और अन्य संगठनों के साथ मिलकर हमारे आम लक्ष्य - संधारणीयता और मानव कल्याण - को पूरा करने की ठानी है।