भेड़ों के बाड़े का निर्माण – भेड़ों को कैसे रखें

जैसा कि सभी मवेशी गतिविधियों में होता है, हम अपने पशुओं के आने से पहले उनके रहने के लिए स्थान बनाने की शुरुआत करते हैं। हमें एक आश्रय स्थान, घास वाले क्षेत्र और अच्छे मेड़ की जरुरत होती है।

भेड़ सूअर के समान ज़मीन खोदने में अच्छी नहीं होती है, जिन्हें मेड़ों को तोड़ना और बाहर भागना पसंद होता है, और ना ही ये बकरियों की तरह प्रभावशाली तरीके से भागने में माहिर होती हैं, जिन्हें घूमने के लिए मेड़ों पर चढ़ना और कूदना पसंद होता है। आपकी भेड़ें संभवतः कभी भी भागने का प्रयास नहीं करेंगी (जब तक कि उन्हें किसी बड़े खतरे का आभास नहीं होता है)। कुछ स्थानों में, उचित प्रशिक्षण के बाद, भेड़ें कस्बों और छोटे गाँवों में इंसानों के साथ दैनिक रूप से टहलने जा सकती हैं, और ये कई कुत्तों से कहीं ज्यादा सीधी और आज्ञाकारी होती हैं। हालाँकि, शिकारी अक्सर भेड़ों पर हमला करते हैं और कई शिकारी उससे कहीं ज्यादा करीब हो सकते हैं जितना कि आपको लगता है (उदाहरण के लिए पड़ोसी का कुत्ता)। लोमड़ी, भेड़िये, सियार और कई अन्य जानवर भेड़ों के सामान्य शिकारी हैं। इसलिए, हमें अच्छे मजबूत मेड़ की जरुरत होती है जो हमारे मवेशी की रक्षा करेंगे। यह कम से कम 5-6 फीट (1.5 मीटर) ऊँचा होना चाहिए। मवेशियों के लिए विशेष पैनल साथ ही विद्युत मेड़ भी मिलते हैं, जो विशेष रूप से बुद्धिमान शिकारियों के लिए बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं।

भेड़ पालन करते समय वनोन्मूलन और वनस्पति के संपूर्ण नाश के संबंध में भी उपाय करना जरुरी होता है। आप पोर्टेबल मेड़ खरीद और निर्मित कर सकते हैं ताकि भेड़ों को मैदान के अंदर घुमाया जा सके और उनकी चराई से होने वाले वनोन्मूलन से बचा जा सके। उस स्थिति में, आपको तथाकथित चक्रीय चराई को बढ़ावा देना चाहिए। इसका अर्थ है कि आप अपने खेत को 5 या 6 बराबर भागों में बांटते हैं, और दो सप्ताह के लिए अपनी भेड़ों को केवल पहले भाग में चरने देते हैं।  दो सप्ताह के अंत में, या उससे पहले ही यदि आप देखते हैं कि इसकी 80% वनस्पति कम हो गयी है तो आप भाग 1 में प्रवेश को बंद करके उन्हें भाग 2 में चरने दे सकते हैं। दो सप्ताह बाद आप भाग 2 के प्रवेश को बंद करके उन्हें भाग 3 आदि में भेज देते हैं। इस योजना के अंतर्गत, खेत के सभी हिस्सों के चारे को दोबारा बढ़ने और विकसित होने के लिए (कम से कम 8-10 सप्ताह) उचित समय मिलेगा, जिससे उनके उन्मूलन और सम्पूर्ण नाश का खतरा नहीं होगा। जाहिर तौर पर, यदि आप एक हेक्टेयर स्थान में 60 से ज्यादा भेड़ों को जमा कर लेते हैं तो चक्रीय चराई से भी आप वनस्पतियों के नाश को नहीं रोक पाएंगे।

आश्रय के संबंध में, हमें किसी उन्नत स्थान का निर्माण करने की जरुरत नहीं होती है। लकड़ियों के पल्लों से बना हुआ तीन तरफा आश्रय और एक मजबूत छत काफी होती है। यह सूखा, हवादार और साफ-सुथरा होना चाहिए। इस बात को ध्यान में रखें कि आश्रय बड़ा हो ताकि भेड़ों की ज्यादा भीड़ ना हो (हर भेड़ के लिए लगभग 35 वर्ग फीट या 3.25 वर्ग मीटर)। सर्दियों के पाले या बर्फ के दौरान, भेड़ें अपना ज्यादातर समय आश्रय स्थल में बिताती हैं। आप उनके लिए सूखी घास का बिस्तर बना सकते हैं। बिस्तर से उन्हें गर्माहट मिलती है, सुरक्षा का अनुभव होता है और इससे वे चोटों से भी बच सकती हैं। इसके अलावा, बिस्तर की वजह से भेड़ों के अपशिष्ट की सफाई करना आसान हो जाता है, क्योंकि आप अपशिष्ट सहित बिस्तर को झाड़कर फेंक सकते हैं।

अंत में, आपको एक सूखे और छायादार कमरे की जरुरत होती है, जहाँ सूखी घास को रखा जायेगा।

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