आलू लगाना, बीज बोने की दर और पौधों के बीच की दूरी

आलू के बीज लगाने संबंधी आवश्यकताएं

हम आलू के बीजों की खरीदारी के साथ शुरुआत करते हैं। केवल वैध विक्रेताओं से प्रामाणिक रोग-मुक्त आलू के बीज खरीदना जरुरी होता है। बीज रोपने से लगभग 2 दिन पहले, हम बैग खोलकर कंद की जांच करते हैं। सड़े-गले कंदों को तुरंत निकाल देना चाहिए। ज्यादातर आलू के बीज वाले कंदों का व्यास 45-60 मिमी होता है। इन्हें छोटे टुकड़ों में काटने की जरुरत पड़ सकती है (जिसे अक्सर “सेट” कहा जाता है)। 28-35 मिमी वाले कंदों को सामान्य तौर पर काटने की जरुरत नहीं होती और उन्हें पूरा लगाया जा सकता है।

बीज वाले आलुओं को छोटे टुकड़ों में काटना एक विवादास्पद विधि है। इसके समर्थक दावा करते हैं यदि आप साफ-सफाई में सावधानी बरतते हैं तो आप आलुओं का तिगुना उत्पादन पा सकते हैं। हम एक बड़े कंद को 3 छोटे टुकड़ों (जिनमें से प्रत्येक में कम से कम एक बीज होता है) में काट सकते हैं, और प्रत्येक टुकड़ा सामान्य तौर पर एक पौधा उत्पन्न करेगा। यदि हमने इस बड़े कंद को नहीं काटा और इसके बजाय इसे पूरा लगा दिया तो इस कंद से केवल एक पौधा निकलेगा। इसलिए, बीज वाले आलुओं को काटने से निश्चित रूप से उपज में वृद्धि होती है। लेकिन, इस विधि के अंतर्गत, यदि कोई कंद संक्रमित है तो आलुओं को काटने के लिए प्रयोग किये जाने वाले चाकू या कैंची से वो रोग सभी कंदों में तेजी से फैल जाता है। इसलिए, कुछ देशों में समय-समय पर (जब यह सिद्ध होता है कि किसी आलू के बीज का खेप संक्रमित हो सकता है), कृषि विशेषज्ञ और आलू के बीज की कंपनियां आलुओं को ना काटने की और इसके बजाय पूरा आलू लगाने की सलाह देती हैं। सभी मामलों में, प्रत्येक कंद काटने से पहले हमें अपने चाकू या ब्लेड को प्रभावी कीटाणुनाशक घोल में डुबाना चाहिए (किसी लाइसेंस प्राप्त कृषि विशेषज्ञ से परामर्श लें)।

45-60 मिमी व्यास वाले कंद के लिए प्रति हेक्टेयर 2 से 2.5 टन आलू बोने की सलाह दी जाती है। कृपया ध्यान रखें कि 1 टन = 1000 किलो = 2.200 पाउंड होता है, और 1 हेक्टेयर = 2.47 एकड़ = 10.000 मी2 होता है। 28-35 मिमी के आकार वाले कंद के लिए, प्रति हेक्टेयर 1.5 से 1.8 टन आलू बोने की सलाह दी जाती है। आलू के बीजों को आलू बोने वाली स्वचालित मशीनों के प्रयोग से बोया जाता है जो ट्रैक्टर से जुड़े होते हैं। इन मशीनों में कई कार्यक्षमताएं होती हैं। ये खेत को जोतती हैं और साथ ही पंक्तियों के अंदर और पंक्तियों के बीच आलू के बीजों के बीच उचित स्थान छोड़कर सुझावित गहराई में बीज रोपती हैं। पंक्ति के अंदर सुझावित अंतराल 10-15 इंच (25-38 सेमी) है, जबकि पंक्तियों के बीच 28 से 36 इंच (70-90 सेमी) की दूरी हो सकती है। इस योजना के अंतर्गत, हमें प्रति हेक्टेयर 25.000 से 60.000 पौधे मिलते हैं। देरी से निकलने वाले बीजों के लिए आमतौर पर पौधों की सुझावित संख्या ज्यादा होती है।

हम निम्नलिखित समीकरण के प्रयोग से मनचाही संख्या में पौधे पाने के लिए अपने पंक्ति अंतराल में पौधों की संख्या जोड़ सकते हैं:

 

100.000/PP*RW = SS,

 

जहाँ PP= पौधों की संख्या (प्रति हेक्टेयर हज़ार पौधों में)

 

RW=सेमी में पंक्ति की चौड़ाई

 

SS= सेमी में पंक्ति में बीजों का अंतर (स्रोत: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय)

 

मान लीजिये, हम प्रति हेक्टेयर 55.000 पौधे चाहते हैं और हमारी पंक्ति की चौड़ाई 90 सेमी है। इस स्थिति में, हमारा समीकरण होगा SS= 100.000/55*90 = 20.2 सेमी। इसलिए, हमें प्रति हेक्टेयर 55.000 पौधे पाने के लिए पंक्ति के अंदर 20.2 सेमी की दूरी पर बीज लगाने होंगे।

आप अपने बीज बोने की दर और पौधों के बीच की अंतराल विधियों के बारे में टिप्पणी या तस्वीर प्रदान करके इस लेख को ज्यादा बेहतर बना सकते हैं।

आलू के पौधे से संबंधित जानकारी

आलू कैसे उगाएं

मुनाफा पाने के लिए आलू की खेती

आलू के लिए मिट्टी तैयार करना और मिट्टी की आवश्यकताएं

आलू लगाना, बीज बोने की दर और पौधों के बीच की दूरी

आलू की खाद संबंधी आवश्यकताएं

आलू की पानी की आवश्यकताएं और सिंचाई प्रणाली

आलू के कीड़े और रोग

आलू की फसल, उपज और संग्रहण

आलू से संबंधित प्रश्न और उत्तर

क्या आपके पास आलू की खेती का अनुभव है? यदि हाँ तो कृपया नीचे टिप्पणियों में अपने अनुभव, विधियों और कार्यप्रणालियों के बारे में बताएं।

आपके द्वारा जोड़ी गयी सभी सामग्रियों को जल्दी से जल्दी हमारे कृषि विशेषज्ञों द्वारा जांचा जायेगा। और स्वीकृत होने के बाद, उन्हें Wikifarmer.com पर डाल दिया जायेगा, जिससे दुनिया भर के हज़ारों नए और अनुभवी किसान सकारात्मक रूप से प्रभावित होंगे।

यह लेख निम्नलिखित भाषाओं में भी उपलब्ध है: English Español Français Deutsch Nederlands العربية Türkçe 简体中文 Русский Italiano Ελληνικά Português Tiếng Việt Indonesia

हमारे साझेदार

हमने दुनिया भर के गैर-सरकारी संगठनों, विश्वविद्यालयों और अन्य संगठनों के साथ मिलकर हमारे आम लक्ष्य - संधारणीयता और मानव कल्याण - को पूरा करने की ठानी है।